ईरान की क़ुद्स फ़ोर्स के कमांडर शहीद जनरल क़ासिम सुलैमानी और उनके क़रीबी सहयोगी तथा इराक़ की स्वयंसेवी फ़ोर्स हशुदुश्शअबी के कमांडर शहीद अबू महदी अलमुहंदिस के शहादत दिवस के कार्यक्रम के आयोजकों और शहीद सुलैमानी के परिवार से मुलाक़ात में सुप्रीम लीडर ने आगे कहा कि अलबत्ता जनरल सुलैमानी के क़ातिलों और हत्या का आदेश देने वालों को ख़ामियाज़ा भुगतना पड़ेगा और जब भी संभव हुआ यह इंतेक़ाम ज़रूर लिया जाएगा।
आयतुल्लाह ख़ामेनई का कहना था कि शहीद सुलैमानी ने अपने जीवन में भी और अपनी शहादत के ज़रिए भी साम्राज्यवाद को शिकस्त दी। उन्होंने डोनल्ड ट्रम्प के बयान के हवाला देते हुए कहा कि अमरीकी राष्ट्रपति ने कहा कि हमने क्षेत्र में 7 ट्रिलयन डालर ख़र्च किए मगर कुछ हासिल न कर सके, सीरिया व इराक़ में अमरीका अपने लक्ष्य साध नहीं पाया, इस कारनामे का श्रेय शहीद सुलैमानी को जाता है।
सुप्रीम लीडर ने कहा कि जनरल सुलैमानी की शहादत ऐतिहासिक घटना है। उन्होंने आगे कहा कि शहीद सुलैमानी इस्लामी समुदाय और ईरानियों के राष्ट्रीय हीरो हैं, इसीलिए ईरानियों के विभन्न वर्गों यहां तक कि उन्होंने भी जिनके बारे में सोचा भी नहीं जाता था, उनका सम्मान किया।
आयतुल्लाह ख़ामेनई का कहना था कि शहीद सुलैमानी ने मुस्लिम राष्ट्रों में प्रतिरोध का आदर्श स्थापित किया।
इस्लामी क्रान्ति के सुप्रीम लीडर ने आगे कहा कि दुशमन पर विश्वास न कीजिए क्योंकि हमने देखा कि ट्रम्प के अमरीका और ओबामा के अमरीका ने ईरान के साथ क्या किया।
आयतुल्लाह ख़ामेनई ने कहा कि दुशमनी केवल ट्रम्प तक सीमित नहीं है कि उनके जाने से ख़त्म हो जाएगी। उन्होंने कहा कि ओबामा ने भी ईरानी राष्ट्र के साथ बुरा किया और तीन यूरोपीय देशों ने भी घटियापन और दोग़लापन दिखाया।
इस्लामी क्रान्ति के सुप्रीम लीडर ने कहा कि प्रतिबंध हटाना दुशमन के हाथ में और उन्हें बेअसर बनाना हमारे हाथ में है, इसलिए हमें प्रतिबंध हटवाने से ज़्यादा बेअसर बनाने पर सोचना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि हम यह नहीं कहते कि प्रतिबंध हटवाने की कोशिश न करें लेकिन न्युक्लियर डील के तहत जो प्रतिबंध चार साल पहले हटने वाले थे उनमें वृद्धि हुई है।